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अभिभावकों के साथ बैठक करेंगे परिषदीय स्कूलों के अध्यापक, शैक्षिक स्तर सुधारने की बनी योजना

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Written by Ravi Singh

अभिभावकों के साथ बैठक करेंगे परिषदीय स्कूलों के अध्यापक, शैक्षिक स्तर सुधारने की बनी योजना

चंदौली: परिषदीय शिक्षा shiksha व स्कूलों school की व्यवस्था से अब अभिभावक सीधे जुडेंगे। इसके लिए प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों vidyalaya में शिक्षक-अभिभावक की बैठक meeting होगी।इस व्यवस्था से बच्चों की शिक्षा में सुधार होगा। इसके अलावा स्कूलों school में अभिभावक डेस्क भी बनेगा।

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इसकी मदद से स्कूल school में पढ़ा रहे नौनिहालों के अभिभावक से बीईओ BIO व शिक्षक Teacher वार्ता करेंगे। मसलन, उनका बच्चा पढ़ाई में कैसा है, उसमें कौन-सी कमी है, गृहकार्य, स्कूल कार्य नियमित करता है या नहीं, कक्षा में उसकी उपस्थिति कम है तो इसके पीछे का कारण आदि की जानकारी शिक्षक Teacher अभिभावक से जानेंगे। इतना ही नहीं, डेस्क के जरिए अभिभावक पढ़ाई-लिखाई के बाबत शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।दरअसल, परिषदीय विद्यालयों parishadiya vidyalaya में पठन-पाठन को लेकर लोगों की धारणा अब भी नकारात्मक है। बच्चों को बेहतर शिक्षा shiksha दिलाने के लिए अभिभावक कान्वेंट व नर्सरी स्कूलों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। क्योंकि इन स्कूलों school में हर महीने mahine मासिक manshik टेस्ट के साथ ही बैठक meeting में अभिभावकों से उनके बच्चों की फीडबैक ली जाती है, जबकि परिषदीय विद्यालयों vidyalaya में इस व्यवस्था का अभाव है।

इसके दृष्टिगत शासन स्तर से अभिभावक डेस्क व बैठक meeting की पहल तो 3 वर्ष पूर्व हुई थी, लेकिन कोरोना corona संक्रमण काल होने से यह व्यवस्था साकार रूप नहीं ले सकी। इस पर अब जोर देकर अमल कराया जाएगा। जानकारों का मानना है कि अभिभावक सीधे शिक्षाधिकारी व शिक्षकों teachers से जुड़ेंगे तो बेसिक शिक्षा नीति को मजबूती तो प्रदान होगी ही, बच्चों के ज्ञान में भी वृद्धि होगी। पहल से अभिभावकों में बेसिक शिक्षा basic shiksha को लेकर घर कर चुके पुराने सोच में बदलाव आएगा। बीईओ BIO व शिक्षकों teachers की जिम्मेदारी होगी कि वह बच्चों की शिक्षा को लेकर उनके अभिभावकों को संतुष्ट करें। यदि कहीं कोई दिक्कत है तो उसे दूर करने का कार्य किया जाए।

 

रजिस्टर में दर्ज होगी शिकायत

अभिभावकों द्वारा यदि कोई शिकायत की जाती है तो उसका रिकार्ड सुरक्षित करने के लिए रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, पुस्तकों की उपलब्धता, ड्रेस, जूता- मोजा स्वेटर सहित पढ़ाई- लिखाई से संबंधित शिकायतें शिक्षक दूर करेंगे। विद्यालय की समस्या निबटाने को जरूरत होने पर उच्चाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी।

 

बोले अधिकारी

बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को विभाग गंभीर है। बच्चों के बौद्धिक विकास में अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित कराने को यह पहल की गई है। अभिभावकों मेंचंदौली: परिषदीय शिक्षा shiksha व स्कूलों school की व्यवस्था से अब अभिभावक सीधे जुडेंगे। इसके लिए प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों vidyalaya में शिक्षक-अभिभावक की बैठक meeting होगी।इस व्यवस्था से बच्चों की शिक्षा में सुधार होगा। इसके अलावा स्कूलों school में अभिभावक डेस्क भी बनेगा।

इसकी मदद से स्कूल school में पढ़ा रहे नौनिहालों के अभिभावक से बीईओ BIO व शिक्षक Teacher वार्ता करेंगे। मसलन, उनका बच्चा पढ़ाई में कैसा है, उसमें कौन-सी कमी है, गृहकार्य, स्कूल कार्य नियमित करता है या नहीं, कक्षा में उसकी उपस्थिति कम है तो इसके पीछे का कारण आदि की जानकारी शिक्षक Teacher अभिभावक से जानेंगे। इतना ही नहीं, डेस्क के जरिए अभिभावक पढ़ाई-लिखाई के बाबत शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।दरअसल, परिषदीय विद्यालयों parishadiya vidyalaya में पठन-पाठन को लेकर लोगों की धारणा अब भी नकारात्मक है। बच्चों को बेहतर शिक्षा shiksha दिलाने के लिए अभिभावक कान्वेंट व नर्सरी स्कूलों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। क्योंकि इन स्कूलों school में हर महीने mahine मासिक manshik टेस्ट के साथ ही बैठक meeting में अभिभावकों से उनके बच्चों की फीडबैक ली जाती है, जबकि परिषदीय विद्यालयों vidyalaya में इस व्यवस्था का अभाव है।

इसके दृष्टिगत शासन स्तर से अभिभावक डेस्क व बैठक meeting की पहल तो 3 वर्ष पूर्व हुई थी, लेकिन कोरोना corona संक्रमण काल होने से यह व्यवस्था साकार रूप नहीं ले सकी। इस पर अब जोर देकर अमल कराया जाएगा। जानकारों का मानना है कि अभिभावक सीधे शिक्षाधिकारी व शिक्षकों teachers से जुड़ेंगे तो बेसिक शिक्षा नीति को मजबूती तो प्रदान होगी ही, बच्चों के ज्ञान में भी वृद्धि होगी। पहल से अभिभावकों में बेसिक शिक्षा basic shiksha को लेकर घर कर चुके पुराने सोच में बदलाव आएगा। बीईओ BIO व शिक्षकों teachers की जिम्मेदारी होगी कि वह बच्चों की शिक्षा को लेकर उनके अभिभावकों को संतुष्ट करें। यदि कहीं कोई दिक्कत है तो उसे दूर करने का कार्य किया जाए।

 

रजिस्टर में दर्ज होगी शिकायत

अभिभावकों द्वारा यदि कोई शिकायत की जाती है तो उसका रिकार्ड सुरक्षित करने के लिए रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, पुस्तकों की उपलब्धता, ड्रेस, जूता- मोजा स्वेटर सहित पढ़ाई- लिखाई से संबंधित शिकायतें शिक्षक दूर करेंगे। विद्यालय की समस्या निबटाने को जरूरत होने पर उच्चाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी।

 

बोले अधिकारी

बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को विभाग गंभीर है। बच्चों के बौद्धिक विकास में अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित कराने को यह पहल की गई है। अभिभावकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के प्रयास ब्लाक स्तर पर किए जा रहे हैं। स्कूलों में शिक्षक-अभिभावकों की बैठक के लिए सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं। – सत्येंद्र सिंह, जिला शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के प्रयास ब्लाक स्तर पर किए जा रहे हैं। स्कूलों में शिक्षक-अभिभावकों की बैठक के लिए सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं।

– सत्येंद्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।

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