Sarkari yojana

Sarkari yojana शासन की पहल से बाल शैक्षिक संस्थान वा युवा वन हरियाली से लहलहाएंगे।

Primary Ka Master
Written by Ravi Singh

Sarkari yojana शासन की पहल से बाल शैक्षिक संस्थान वा युवा वन हरियाली से लहलहाएंगे।

primary Ka Master पर्यावरण संरक्षण के संदेश तो देंगे ही अब शैक्षिक संस्थान हरियाली से लहलहाएंगे। शासन की पहल से हर शैक्षिक संस्थान में वन क्षेत्र विकसित होंगे। प्राइमरी स्कूल से माध्यमिक स्कूलों में बाल वन को विकसित होगा, तो वहीं उच्च शिक्षा संस्थानों में युवा वन तैयार किए जाएंगे।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Primary Ka Master

पौधों की रखवाली छात्र करेंगे

पौधों की रखवाली और देखरेख में छात्रों का समूह तैयार होगा। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार कहते हैं कि शैक्षिक संस्थानों में दस लाख के करीब छात्र हैं, वहां पर पौधरोपण से अधिक से अधिक लोगों में पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता होगी। शैक्षिक संस्थानों को शासन की पहल को गंभीरता से लेना है।

जिले में इस बार 55 लाख 72 हजार 198 पौधरोपण का लक्ष्य है। इसके लिए हर विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। हर पंचायत में 45- 45 पौधे लगाए जाने की पहल हो रही है। इसी के साथ ही अब जिले में बाल वन व युवा वन से स्कूलों और कालेजों को जोड़ने का अभियान शुरू हो रहा है। जिसमें 2611 परिषदीय स्कूलों में 30 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। जहां बाल वन तैयार किया जाएगा।

जिले के पांच सौ के करीब इंटर कालेजों में भी बाल वन तैयार किया जाना है। जिसमें भी 20 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही जिले के 40 डिग्री कालेजों के साथ ही पॉलिटेक्निक, आईटीआई के साथ ही अन्य शैक्षिक संस्थानों में भी पौधे लगाए जाएंगे।

इन कॉलेजों में युवा वन बनाया जाना है। इसमें भी पांच हजार के करीब पौधे लगाए जांएगे। वहीं, 75 हजार पौधों से तीन हजार बाल व युवा वन तैयार किए जाएंगे। जिससे छात्रों में पौधरोपण के लिए जागरूकता तो आएगी, इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण पर जोर होगा। डीएम ने पौधरोपण के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी दी है और सात जुलाई तक पौधरोपण की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही बाल व युवा वन तैयार किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
पौधरोपण अभियान से पंचायतों के साथ ही सभी विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। शैक्षिक संस्थानों में बाल वन व युवा वन की पहल काफी बेहतर है। सभी संस्थान इसे समय से पूरा कराएं। डॉ. उज्जवल कुमार, जिलाधिकारी

About the author

Ravi Singh

Leave a Comment

WhatsApp Group Join