Primary Ka Master:- जर्जरघोषित कमरे में पढ़ रहे बच्चों के ऊपर गिरी छत, 13 दबे:- घटना के लिए प्रथमदृष्टया प्रधानाध्यापक माना दोषी

Primary Ka Master:- जर्जरघोषित कमरे में पढ़ रहे बच्चों के ऊपर गिरी छत, 13 दबे:- घटना के लिए प्रथमदृष्टया प्रधानाध्यापक माना दोषी

इगलास (अलीगढ़)

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

शुक्रवार की दोपहर करीब 12:45 बजे बेसवां स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन में एक कमरे की छत भरभरा कर गिर गई। इससे कमरे में बैठकर पढ़ाई कर रहे 13 बच्चे छत के मलबे में दब गए। तत्काल ही सभी को वहां से निकालकर निजी व सरकारी अस्पतालों में ले जाया गया। तीन घायल बच्चों की हालत गंभीर होने पर लक्ष्मण देवदत्त सामुदायिक चिकित्सालय इगलास से मलखान सिंह जिला अस्पताल के लिए भेजा गया। खास बात यह है कि जिस भवन में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था, वह जर्जर घोषित है।

IMG 20211103 102744 643

खंड शिक्षाधिकारी ने प्रधानाचार्य को प्रथमदृष्टया दोषी बताते हुए विभागीय कार्रवाई की बात कही है।बेसवां कस्बे के मोहल्ला होली गेट स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन में शुक्रवार को शिक्षण कार्य चल रहा था। दोपहर करीब 12:45 बजे 13 बच्चे कमरे के अंदर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। उन्हें पढ़ा रही शिक्षिका गीता किसी कार्य से कमरे के बाहर गई हुई थीं, तभी अचानक कमरे की गार्डर-पत्थर से बनी छत भरभराकर गिर गई। छत के मलबे में दबने और सिर पर शरीर पर मलबा पड़ने से सभी बच्चे घायल हो गए। छत गिरने और बच्चों का शोर सुनकर स्कूल स्टाफ समेत आसपास के लोग भागकर मौके पर पहुंचे और सभी बच्चों को कमरे से बाहर निकाला।

मलबे में दबने वाले बच्चों में लवली, अलसफां, सोनिया, फिजा, सुमन, प्रियंका, खुशी, अमीर, गुलशन, मन्नू खां, शाहिल, गट्टू और शशांक शामिल हैं। इनमें से लवली, गट्टू, गुलशन, मन्नू व अलसफां की हालत गंभीर होने पर एंबुलेंस से इगलास कस्बे के लक्ष्मण देवदत्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां से तीन बच्चों को मलखान सिंह जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। अन्य घायल बच्चों का इलाज उनके परिवार वालों ने अलग-अलग निजी अस्पताल, डॉक्टरों के पास ले जाकर करवाया। इस विद्यालय का भवन 35 वर्ष पहले बना था।मौजूदा समय में यहां पर प्रधानाध्यापक संजय सिंह, सहायक अध्यापक गीता खन्ना, श्वेता अग्रवाल और शिक्षामित्र दुर्गेश कुमारी कार्यरत हैं। विद्यालय में 106 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से शुक्रवार को 52 बच्चे ही उपस्थित थे। कहा जा रहा है कि विद्यालय के भवन के जर्जर होने के संबंध में अधिकारियों को भी अवगत कराया गया था।दुर्घटना दुखद है। प्रधानाध्यापक की रिपोर्ट पर भवन की जांच कराई गई थी। जांच के बाद अवर अभियंता ने तीन दिन पहले ही भवन को अनुपयोगी घोषित किया था। इसके बाद भी बच्चों को कमरे में कैसे पढ़ाया जा रहा था? इस घटना के लिए प्रथमदृष्टया प्रधानाध्यापक दोषी हैं। उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -लाल बाबू द्विवेदी, खंड शिक्षाधिकारी, इगलास।
सभी बच्चों का इगलास सीएचसी में इलाज कराया गया है। कई ठीक हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। दुर्घटना को लेकर जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। –

भावना विमल, एसडीएम, इगलास।

Leave a Comment

WhatsApp Group Join