Shikshamitra news

अनुदेशक, चतुर्थ श्रेणी व शिक्षामित्र चला रहे जनपद के कई स्कूल, अन्य सहयोगी न होने के कारण आए दिन बंद करना पड़ता है स्कूल

समय से मानदेय न मिलने से शिक्षामित्रों में आक्रोश
Written by Ravi Singh

अनुदेशक, चतुर्थ श्रेणी व शिक्षामित्र चला रहे जनपद के कई स्कूल, अन्य सहयोगी न होने के कारण आए दिन बंद करना पड़ता है स्कूल

बरेली! बेसिक शिक्षा के अंतर्गत आधुनिक शिक्षा संसाधनों को स्थापित कर बच्चों के समग्र विकास की कवायद लगातार चल रही है लेकिन जनपद के कई स्कूल ऐसे हैं जहां बच्चों की शिक्षा के लिए एक भी शिक्षक नही हैं। बल्कि ऐसे स्कूलों में बच्चों को अनुदेशक या शिक्षामित्र पढ़ा रहे हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

 

इन्हीं में से ऐसे स्कूल भी हैं। जहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बच्चों को शिक्षित करने में लगे हुए हैं। शिक्षकों के अभाव में सरकारी स्कूलों की यह दयनीय दशा लंबे समय से बनी हुई है। आए दिन विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद इन स्कूलों में अभी तक शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई है। जबकि स्कूल संचालन कर रहे अनुदेशक आदि कर्मचारी आए दिन अधिकारियों से शिक्षकों की तैनाती की मांग करते हैं।

समय से मानदेय न मिलने से शिक्षामित्रों में आक्रोश

पूरे जनपद में नगर क्षेत्र सहित 150 ऐसे स्कूल हैं जहां अनुदेशक, शिक्षामित्र या चतुर्थ श्रेणी कर्मी बच्चों को पढ़ा रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक नगर क्षेत्र में ऐसे कुल 30 स्कूल हैं। महलऊ, कटघर, बिहारीपुर, कंजादासपुर, परसाखेड़ा प्रथम, परसाखेड़ा द्वितीय, बाजार संदल खां, परसाखेड़ा आदि कई क्षेत्रों में शिक्षक विहीन स्कूलसंचालित हो रहे हैं। वहीं आंवला नगर क्षेत्र में एक कंपोजिट सहित नौ प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। बहेड़ी में ऐसे नौ और फरीदपुर नगर में सात स्कूलों में बगैर शिक्षक के बच्चे पढ़ाई कर रहें हैं।

About the author

Ravi Singh

Leave a Comment

WhatsApp Group Join